
फिल्म में नर्सों की छवि पर विवाद, शिकायत पहुंची सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तक
वीना टंडन
नई दिल्ली। फिल्म भारत भाग्य विधाता में नर्सिंग पेशे के कथित आपत्तिजनक चित्रण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब केंद्र सरकार के स्तर तक पहुंच गया है। नर्सिंग समुदाय के संगठनों द्वारा की गई शिकायत पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मामला सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भेज दिया है, जहां अब इसकी समीक्षा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन (AIGNF) ने चार जून को स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजे अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि फिल्म के कुछ दृश्य और संवाद नर्सिंग पेशे की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। संगठन का कहना है कि फिल्म में नर्सों को भ्रामक और अपमानजनक तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे समाज में उनके प्रति नकारात्मक धारणा बन सकती है।
फेडरेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि नर्सों को गलत तरीके से चित्रित करना केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे नर्सिंग समुदाय के सम्मान और पेशेवर पहचान का प्रश्न है। उनका आरोप है कि फिल्म में दिखाए गए कुछ दृश्य नर्सिंग पेशे की वास्तविक भूमिका और योगदान के विपरीत हैं।
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के नर्सिंग अनुभाग ने बुधवार को एक कार्यालय ज्ञापन जारी कर मामले को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के फिल्म अनुभाग को भेज दिया। अवर सचिव गणेश कुमार द्वारा जारी ज्ञापन में कहा गया है कि चूंकि मामला फिल्म की विषयवस्तु और उसके प्रमाणीकरण से जुड़ा है, इसलिए इसकी जांच और आवश्यक कार्रवाई संबंधित मंत्रालय द्वारा की जानी चाहिए।
नर्सिंग संगठनों ने यह भी रेखांकित किया है कि कोविड-19 महामारी समेत विभिन्न स्वास्थ्य आपात स्थितियों और आपदाओं के दौरान नर्सों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर महत्वपूर्ण सेवाएं दी हैं। ऐसे में उनके पेशे को नकारात्मक या अपमानजनक तरीके से प्रस्तुत करना उचित नहीं माना जा सकता।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मामला आगे भेजे जाने के बाद अब नर्सिंग समुदाय की निगाहें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अगले कदम पर टिकी हैं। संगठनों को उम्मीद है कि उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।






