
योगी ने राजीव कृष्ण को बनाया पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक
स्टार न्यूज़ टेलिविजन
राकेश पाण्डेय
लखनऊ:उत्तर प्रदेश में बीते चार सालों से चले आ रहे कार्यवाहक डीजीपी के दौर पर आख़िरकार पूर्णविराम लग गया है.
अब राज्य सरकार ने 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्णा को डीजीपी नियुक्त कर दिया है।राजीव कृष्ण इससे पहले कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर ज़िम्मेदारी निभा रहे थे. उनकी नियुक्ति के साथ ही उत्तर प्रदेश को क़रीब चार साल बाद स्थायी पुलिस प्रमुख मिल गया है.
राजीव कृष्ण जून 2025 से मई 2026 तक यानी एक साल तक कार्यवाहक डीजीपी की भूमिका में रहे.उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक स्थायी डीजीपी की नियुक्ति न होने को लेकर विपक्ष सरकार पर सवाल उठाता रहा है।
जून 2025 में राजीव कृष्ण को कार्यवाहक डीजीपी बनाए जाने पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज़ कसते हुए कहा था, ”दिल्ली और लखनऊ की लड़ाई में प्रदेश की जनता पिस रही है.”उन्होंने एक्स पर लिखा था, ”दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई का ख़ामियाज़ा उत्तर प्रदेश की जनता और बदहाल क़ानून-व्यवस्था क्यों झेले? जब ‘डबल इंजन’ मिलकर एक अधिकारी नहीं चुन सकते तो भला देश-प्रदेश क्या चलाएंगे.”
मई 2022 में तत्कालीन डीजीपी मुकुल गोयल को हटाए जाने के बाद से राज्य में किसी पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति नहीं हुई थी।इस दौरान आईपीएस डॉ. देवेंद्र सिंह चौहान, डॉ. राजकुमार विश्वकर्मा, विजय कुमार, प्रशांत कुमार और राजीव कृष्ण कार्यवाहक डीजीपी के रूप में ज़िम्मेदारी संभालते रहे।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से भेजे गए पैनल पर विचार के बाद राज्य सरकार ने राजीव कृष्ण के नाम को मंज़ूरी दी।राजीव कृष्ण उत्तर प्रदेश पुलिस में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं।माना जा रहा है कि इस नियुक्ति से पुलिस नेतृत्व में स्थिरता आएगी.







