
वीना टंडन
नई दिल्ली। राजधानी के ऐतिहासिक बाजार चांदनी चौक में वर्षों से लटकते खतरनाक ओवरहेड बिजली तारों की समस्या अब अतीत बनने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 28 प्रमुख सड़कों पर लगभग 160 करोड़ रुपये की लागत से भूमिगत बिजली केबल बिछाने की परियोजना का शुभारंभ किया।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि चांदनी चौक सदियों से व्यापार और संस्कृति का जीवंत केंद्र रहा है। यहां की ऐतिहासिक हवेलियां और गलियां हमारी विरासत की पहचान हैं, लेकिन ऊपर लटकते बिजली के तार न केवल सौंदर्य को प्रभावित करते थे, बल्कि सुरक्षा के लिए भी खतरा थे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि धरोहर को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुंदर बनाने का संकल्प है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ दुकानदारों, स्ट्रीट वेंडरों और ग्राहकों की समस्याओं के समाधान पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस मौके पर मंडोली में बीवाईपीएल के 66/11 केवी जीआईएस ग्रिड सब-स्टेशन तथा शिवालिक द्वारका और गोयला खुर्द में बीआरपीएल की चार यूटिलिटी-स्तरीय बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पहलों से लाखों परिवारों को निर्बाध और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम में रामवीर सिंह बिधूड़ी, शिक्षा मंत्री आशीष सूद, पार्षद सुमन गुप्ता और जिला अध्यक्ष अरविंद गर्ग सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत की रक्षा और भविष्य की तैयारी—इसी संतुलन के साथ दिल्ली आगे बढ़ रही है।
