DelhiNewsताज़ा तरीन खबरें

एआई पर भारत का ‘MANAV’ मंत्र: पीएम मोदी बोले– तकनीक पर सबका हक, दुनिया की भलाई हो लक्ष्य

वीना टंडन
नई दिल्ली। वैश्विक एआई समिट में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भारत के भविष्य का स्पष्ट रोडमैप पेश करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कुछ चुनिंदा लोगों की जागीर नहीं बननी चाहिए। तकनीक का वास्तविक लाभ तभी है जब वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसे सशक्त बनाए।
दुनिया भर से आए राष्ट्राध्यक्षों और टेक्नोलॉजी दिग्गजों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति पूरे आत्मविश्वास के साथ एआई को अपना रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत अब एआई की दौड़ में केवल भागीदार नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभा रहा है।
‘MANAV’ फ्रेमवर्क का ऐलान
प्रधानमंत्री मोदी ने एआई के जिम्मेदार और समावेशी उपयोग के लिए ‘MANAV’ विजन प्रस्तुत किया।
M (Moral): एआई सिस्टम नैतिक और मानवीय मूल्यों पर आधारित हों।
A (Accountable): स्पष्ट जवाबदेही और पारदर्शी नियम हों।
N (National Sovereignty): डेटा पर संबंधित देश और नागरिक का अधिकार सुरक्षित रहे।
A (Accessible): तकनीक सबकी पहुंच में हो, किसी का एकाधिकार न हो।
V (Valid): एआई का हर उपयोग कानूनी और प्रमाणित हो।
लोकतांत्रिक बने एआई
प्रधानमंत्री ने खेती, सुरक्षा और भाषा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए भारतीय युवाओं द्वारा विकसित एआई टूल्स की सराहना की। उन्होंने कहा कि एआई ऐसा लोकतांत्रिक माध्यम बने जिससे लोग सिर्फ डेटा प्वाइंट न बनें, बल्कि अपने जीवन को बेहतर बनाने का साधन प्राप्त करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का दृष्टिकोण ‘सर्वजन हिताय–सर्वजन सुखाय’ पर आधारित है। एआई को समावेशी और सशक्तीकरण का माध्यम बनाना होगा, खासकर ग्लोबल साउथ के देशों के लिए।
ओपन और साझा एआई की पैरवी
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ देश एआई को बंद और गोपनीय तरीके से विकसित करना चाहते हैं, लेकिन भारत का मानना है कि एआई का वास्तविक लाभ तभी होगा जब इसे साझा किया जाएगा और कोड खुले होंगे। इससे लाखों युवा दिमाग इसे और बेहतर बना सकेंगे। उन्होंने आह्वान किया कि एआई को मानवता की भलाई के लिए विकसित किया जाए।
भारत के डिजिटल बदलाव की सराहना
समिट में मौजूद फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने भारत के डिजिटल परिवर्तन को विश्व के लिए मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि तकनीकी नियमों को आकार देने में भारत और फ्रांस जैसे साझेदार देश मिलकर अहम भूमिका निभाएंगे।
सम्मेलन में प्रदर्शित ‘मेड इन इंडिया’ एआई समाधानों ने यह संदेश दिया कि भारत वैश्विक चुनौतियों का समाधान देने में सक्षम है और तकनीकी नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button