
सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों से नहीं किया समझौता : पीयूष गोयल
किसानों और दुग्ध क्षेत्र के हित सुरक्षित, अमेरिकी बाजार में बढ़ेंगे अवसर
वीना टंडन
नई दिल्ली। बजट सत्र के दौरान संसद में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ने हर कदम पूरी सोच-समझ के साथ उठाया है और किसी भी संवेदनशील क्षेत्र के साथ कोई समझौता नहीं किया गया है। मंत्री के बयान के दौरान विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध किया। नारेबाजी और तख्तियां लहराने से सदन का माहौल काफी गर्म हो गया।
अपने संबोधन में पीयूष गोयल ने किसानों के हितों को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कृषि क्षेत्र पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि भारत के कृषि उत्पादों के लिए अमेरिकी बाजार में बेहतर अवसर खुलेंगे, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री ने यह भी बताया कि बातचीत के दौरान सभी अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में सफल रहा।
उन्होंने दुग्ध क्षेत्र को लेकर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। पीयूष गोयल ने कहा कि डेयरी सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण आजीविका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके हितों की पूरी तरह सुरक्षा की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस समझौते से भारत और अमेरिका दोनों को लाभ होगा तथा द्विपक्षीय व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि 2 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसके बाद अमेरिका ने टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह दर कई प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम है, जिससे वैश्विक व्यापार में भारत को बढ़त मिलने की संभावना है।
पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक साबित होगा। उनका कहना था कि जब भारत अपने संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करते हुए वैश्विक मंच पर आगे बढ़ता है, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था और अधिक सशक्त होती है।

