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विपक्ष को दिल्ली विधानसभा मे प्रवेश नहीं मिला
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा सत्र आज विपक्ष के एक मात्र सदस्य की उपस्थिति में चला। ओखला के विधायक अमानतुल्लाह खान को ही विधानसभा में प्रवेश करने नहीं दिया गया जबकि नेता विपक्ष आतिशी समेत अन्य विपक्षी सदस्यों को विधानसभा में घुसने नहीं दिया।
आतिशी ने एक्स पर लिखा, ‘देश के इतिहास में पहली बार है जब चुने हुए विधायकों को विधानसभा परिसर में अंदर जाने से रोका जा रहा है। अभी तक पुलिस ने हमें कोई आदेश नहीं दिखाया। ये भाजपा की तानाशाही है। हमने ‘जय भीम’ के नारे लगाए तो हमें विधान सभा परिसर से ही बाहर कर दिया। भाजपा बाबा साहेब अंबेडकर से नफरत करती है, उनकी तस्वीर से नफरत करती है, उनके नाम से नफरत करती है।’ गुरुवाj को जब आतिशी ने परिसर में एंट्री करने की कोशिश की और उन्हें जाने से रोका गया तो उनकी पुलिस से भी बहस हो गई।
मंगलवार को नवगठित विधानसभा में उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण को बाधित करने के लिए आतिशी सहित आम आदमी पार्टी (आप) के 21 विधायकों को तीन दिनों के लिए दिल्ली विधानसभा से निलंबित कर दिया गया। उनके निलंबन का प्रस्ताव दिल्ली लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा पेश किया गया और सदन में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। निलंबित विधायकों को 27 और 28 फरवरी को विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति नहीं है।
निलंबित विधायकों में शामिल संजीव झा ने कहा कि निलंबन के बावजूद निर्वाचित सदस्यों को विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति है। झा ने कहा, ‘यह पहली बार है कि मुख्य द्वार पर प्रवेश रोक दिया गया है।’ अमानतुल्ला खान, जो बुधवार को आप के 22 में से 21 विधायकों के निलंबन के समय अनुपस्थित थे, को भाजपा के पुनः सत्ता में आने के बाद पहले विधानसभा सत्र के तीसरे दिन विधानसभा में प्रवेश करने और सदन की कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति दी गई।