
लगातार बरसात से बिगड़ी काशी की सूरत होने लगा ठंड का एहसास सब्जी की खेती का बुरा हाल
स्टार न्यूज़ टेलीविजन
राकेश पाण्डेय
वाराणसी:बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश का असर अब वाराणसी में भी दिखाई देने लगा है. बुधवार को सुबह से गुरुवार तक रुक-रुककर बारिश होती रही। लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान में करीब 8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई. मंगलवार को जहां अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस था, वहीं बुधवार को यह गिरकर 24.5 डिग्री पहुंच गया.
*अक्टूबर में पहली बार इतना गिरा तापमान कि सहम गये लोग*
अक्टूबर में अधिकतम औसत तापमान करीब 33 डिग्री के आसपास रहा है. इसके मुकाबले बुधवार को तापमान 24.5 डिग्री पर पहुंचना बड़ी गिरावट है. मौसम में अचानक आए बदलाव से दिन और रात के तापमान में भी अंतर कम हुआ है. ठंडी हवाओं के कारण काशी में लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है. मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिल रहा है. आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने की संभावना है.
*सुबह से बारिश, सड़कों पर कीचड व जलजमाव से बढ़ी परेशानी*
वाराणसी में बुधवार को सुबह से ही बारिश शुरू हो गई थी. दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही. बारिश के कारण शहर की सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई. कई इलाकों में पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. बारिश के बीच स्कूल जाने वाले बच्चों और कामकाजी लोगों को भी दिक्कत हुई. कई लोग छाता लेकर घर से निकले, जबकि सड़कों पर वाहनों की रफ्तार भी धीमी रही।
*काशी में सभी चौराहों और गलियों में जलभराव*
बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली. दशाश्वमेध, गोदौलिया, मैदागिन और लक्सा समेत प्रमुख इलाकों में सड़क पर पानी जमा हो गया. नालियों का पानी भी कई जगह सड़कों पर आ गया. लगातार बारिश जारी रहने पर स्थानीय लोगों को जलभराव की समस्या और बढ़ने की आशंका है. इससे पैदल चलने वालों के साथ वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
*शहर ही नहीं पीएम के क्षेत्र में गांवो तक बिजली आपूर्ति प्रभावित*
बारिश और तेज हवा के कारण शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई. कई क्षेत्रों में चार से छह घंटे तक बिजली गुल रही. कुछ इलाकों में दिनभर बिजली आने-जाने का सिलसिला चलता रहा. विद्युत विभाग की टीमों को कई स्थानों पर फाल्ट ठीक करने के लिए लगाया गया. बारिश के कारण घरों और दुकानों में पानी घुसने से भी लोगों का दैनिक कामकाज प्रभावित हुआ.
*मौसम का कहर ट्रेनों की रफ्तार पर भी पड़ा असर*
खराब मौसम का असर रेल परिचालन पर भी दिखाई दिया. बारिश और तेज हवाओं के कारण कई ट्रेनें देरी से चलीं. नई दिल्ली से वाराणसी आने वाली स्पेशल ट्रेन भी निर्धारित समय से काफी देर से पहुंची. रेलवे की ओर से यात्रियों को मौसम और ट्रेनों की स्थिति को देखते हुए यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई।
*गंगा में छोटी नावों के संचालन पर रोक घाटों पर सतर्क है प्रशासन*
चक्रवाती अलर्ट के बीच गंगा में छोटी नावों के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है. नाविकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. नाविकों को गंगा में पानी बढ़ने और मौसम खराब होने की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. नाव संचालन से जुड़े लोगों से घाट किनारे सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा गया है।
*किसानों को बारिश से राहत, लेकिन धान मिर्च के साथ की फसले प्रभावित*
लगातार बारिश से किसानों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं देर से हो रही बारिश के कारण धान की खड़ी फसल को नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है. कई इलाकों में खेतों में पानी भरने से फसल प्रभावित हुई है. कुछ क्षेत्रों में तेज हवा के कारण धान की फसल गिरने की भी सूचना है. किसानों का कहना है कि बारिश से कुछ फसलों को फायदा हुआ है, लेकिन जिन खेतों में फसल पकने के करीब है, वहां नुकसान की चिंता बढ़ गई है।
*ठंड का बढ़ा एहसास, मौसम ने बदला रंग*
तापमान में अचानक गिरावट और लगातार बारिश के कारण वाराणसी में ठंड का एहसास बढ़ गया है. लोग सुबह और शाम गर्म कपड़ों का सहारा लेने लगे हैं. मौसम में आए इस बदलाव से काशी में अक्टूबर के अंत में ही सर्दी की दस्तक महसूस होने लगी है।







