
दिल्ली में जमीन के दामों में आएगा बड़ा उछाल, कृषि भूमि का सर्किल रेट 10 गुना तक बढ़ाने की तैयारी!
रोहिणी से पालम और छतरपुर-महरौली से नरेला-नजफगढ़ तक जमीन की कीमतों पर पड़ेगा असर, कुछ इलाकों में पांच करोड़ रुपये तक पहुंच सकते हैं भाव
वीना टंडन
नई दिल्ली।राजधानी दिल्ली में जमीन खरीदने और बेचने की योजना बना रहे लोगों के लिए आने वाले समय में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कृषि भूमि के सर्किल रेट में भारी बढ़ोतरी की तैयारी से जमीन की सरकारी दरों में उछाल आने की संभावना है। प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर कृषि भूमि की दरें मौजूदा स्तर से कई गुना तक बढ़ सकती हैं। इससे रोहिणी, पालम, छतरपुर, महरौली, नरेला और नजफगढ़ सहित दिल्ली के विभिन्न इलाकों में जमीन के बाजार पर असर पड़ने की उम्मीद है।
सर्किल रेट वह न्यूनतम सरकारी दर होती है, जिसके आधार पर जमीन या संपत्ति के पंजीकरण के समय स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क की गणना की जाती है। आमतौर पर बाजार में जमीन की वास्तविक कीमत और सरकारी सर्किल रेट में अंतर देखने को मिलता है। ऐसे में सर्किल रेट में बड़ी वृद्धि होने पर जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ा खर्च भी बढ़ सकता है।
18 साल से नहीं बदली कृषि भूमि की सरकारी दरें
प्रस्तावित बदलाव की अहम वजह कृषि भूमि के पुराने सर्किल रेट और मौजूदा बाजार भाव के बीच बढ़ता अंतर है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, कृषि भूमि की प्रचलित आधार दर 2008 से 53 लाख रुपये प्रति एकड़ बताई जा रही है, जबकि यमुना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में यह दर 17.60 लाख रुपये प्रति एकड़ है। दूसरी ओर, कई इलाकों में जमीन के वास्तविक सौदे करोड़ों रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से हो रहे हैं।
केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और दिल्ली सरकार के स्तर पर सर्किल रेट में संशोधन के प्रस्तावों पर विचार किया गया है। सरकार ने पहले इस विषय पर जनता से सुझाव भी मांगे थे। हालांकि, प्रस्तावित दरों को अंतिम मंजूरी मिलने और आधिकारिक अधिसूचना जारी होने तक इन्हें लागू दरें नहीं माना जा सकता।
किस जिले में कितना हो सकता है कृषि भूमि का सर्किल रेट?
प्रस्तावित दरों के अनुसार, अलग-अलग जिलों में कृषि भूमि का सर्किल रेट इस प्रकार निर्धारित किए जाने की सिफारिश की गई है।
| जिला | प्रस्तावित सर्किल रेट प्रति एकड़ |
| ——————————————– | ——————————– |
| दक्षिण दिल्ली और नई दिल्ली | ₹5 करोड़ |
| दक्षिण-पश्चिम दिल्ली | ₹3.5 करोड़ |
| उत्तर, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिल्ली | ₹3 करोड़ |
| दक्षिण-पूर्व दिल्ली | ₹3 करोड़ |
| मध्य दिल्ली | ₹2.5 करोड़ |
| पूर्वी दिल्ली, शाहदरा और उत्तर-पूर्वी दिल्ली | लगभग ₹2.2–2.25 करोड़ |
स्रोत: उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में प्रकाशित प्रस्तावित दरें। अंतिम सरकारी दरें अलग हो सकती हैं।
छतरपुर और नजफगढ़ में करोड़ों रुपये प्रति एकड़ के भाव
दिल्ली के विभिन्न इलाकों में जमीन की कीमतें स्थान, सड़क संपर्क, भूमि की श्रेणी और विकास की संभावनाओं के आधार पर अलग-अलग हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, छतरपुर और आसपास के फार्महाउस क्षेत्रों में जमीन के बाजार भाव लगभग 5 करोड़ से 8.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक बताए गए हैं। नजफगढ़ में कुछ जमीनों के भाव 3 करोड़ से 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक होने की जानकारी सामने आई है।
वहीं, रोहिणी, सरस्वती विहार और कंझावला क्षेत्र में कुछ श्रेणियों की जमीन के भाव लगभग 2.3 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ बताए गए हैं। नरेला और अलीपुर में भी जमीन की कीमतों में अंतर देखा जा रहा है। ये बाजार भाव के अनुमान हैं, न कि सभी इलाकों के लिए तय सरकारी दरें।
किसानों ने 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ सर्किल रेट की मांग उठाई
कृषि भूमि के सर्किल रेट में प्रस्तावित वृद्धि के बीच दिल्ली पंचायत संघ ने सरकार से दर बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ करने की मांग की है। किसान संगठन का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से पहले नई दरें लागू की जानी चाहिए, ताकि किसानों को उनकी भूमि का उचित मुआवजा मिल सके।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
सर्किल रेट बढ़ने का असर केवल जमीन के मालिकों और किसानों पर ही नहीं, बल्कि जमीन खरीदने वालों पर भी पड़ सकता है। संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क की गणना में सरकारी मूल्यांकन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए नई दरें लागू होने पर कई मामलों में रजिस्ट्री का खर्च बढ़ सकता है।
दूसरी ओर, जमीन अधिग्रहण के मामलों में संशोधित मूल्यांकन किसानों के मुआवजे को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, वास्तविक असर संबंधित कानून, भूमि की श्रेणी और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि दिल्ली में कृषि भूमि के सर्किल रेट में बड़ी बढ़ोतरी का प्रस्ताव विचाराधीन है। अंतिम फैसला और सरकारी अधिसूचना आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किस जिले और किस श्रेणी की जमीन के लिए कितनी दर लागू होगी।






