
सॉवरेन एआई क्लाउड को सरल, सुरक्षित और जनसुलभ बनाने की दिशा में नई पहल
स्टार न्यूज टेलिविजन
नई दिल्ली, आज भारत के सॉवरेन एआई क्लाउड सेवा प्रदाता भारथक्लाउड ने अपने पहले ब्रांड मैस्कॉट ‘बादल’ का अनावरण किया है। कंपनी ने इसे अपनी ब्रांड यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि यह पहल क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीकों को व्यवसायों, स्टार्टअप्स, संस्थानों और सरकारी संगठनों के लिए अधिक सहज, भरोसेमंद और सुलभ बनाने के उद्देश्य से की गई है।
कंपनी के अनुसार, ‘बादल’ केवल एक मैस्कॉट नहीं, बल्कि भारत की डिजिटल संप्रभुता, सुरक्षा, विश्वास और ‘मेड इन इंडिया’ क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रतीक है। इसका उद्देश्य क्लाउड तकनीक जैसी जटिल अवधारणा को सरल तरीके से लोगों तक पहुंचाना और उपयोगकर्ताओं के साथ भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करना है। यह लॉन्च ऐसे समय में किया गया है, जब भारथक्लाउड तेजी से अपने ग्राहक आधार और रणनीतिक साझेदारों का विस्तार कर रहा है।
भारथक्लाउड के सह-संस्थापक राहुल तक्कल्लापल्ली ने कहा कि क्लाउड तकनीक लोगों के लिए कठिन या डर पैदा करने वाली नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘बादल’ के माध्यम से कंपनी क्लाउड और एआई से जुड़ी बातचीत को अधिक आकर्षक, समावेशी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना चाहती है। उनका कहना था कि भारत के डिजिटल भविष्य को ध्यान में रखते हुए तकनीक का स्थानीय आवश्यकताओं और आकांक्षाओं से जुड़ा होना बेहद जरूरी है।
सह-संस्थापक एवं मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी पद्मा रेड्डी सामा ने कहा कि ‘बादल’ ग्राहकों के साथ कंपनी के रिश्तों को और मजबूत करेगा तथा वैश्विक क्लाउड कंपनियों के बीच भारथक्लाउड की अलग पहचान बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत के सॉवरेन एआई क्लाउड इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
कंपनी ने बताया कि ‘बादल’ ग्राहक ऑनबोर्डिंग, डिजिटल अभियानों, शैक्षणिक कार्यक्रमों, उद्योग सम्मेलनों और सामुदायिक गतिविधियों में ब्रांड एम्बेसडर की भूमिका निभाएगा। आने वाले समय में सोशल मीडिया श्रृंखलाओं, स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रमों, लघु फिल्मों और इंटरैक्टिव अभियानों के माध्यम से भी इसे लोगों से जोड़ा जाएगा। कंपनी का लक्ष्य क्लाउड तकनीक को एक जटिल तकनीकी अवधारणा से आगे बढ़ाकर भरोसेमंद, सुरक्षित और भारतीय पहचान वाले समाधान के रूप में स्थापित करना है। के फ्री भ





