
अबकी बार ट्रंप से हार’: अंतरिम व्यापार समझौते पर कांग्रेस का हमला
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद डील ठंडे बस्ते में डालने की मांग
वीना टंडन
नई दिल्ली,लोकसत्ता।कांग्रेस ने रविवार को केंद्र की मोदी सरकार पर अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर तीखा हमला बोला। पार्टी ने इसे ‘अबकी बार ट्रंप से हार’ का प्रतीक बताते हुए समझौते को तत्काल ठंडे बस्ते में डालने और शर्तों पर दोबारा बातचीत की मांग की।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को अवैध करार दिए जाने के बाद भारत को अपनी प्रतिबद्धताओं की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते में भारत ने “बहुत कुछ दिया है, जबकि बहुत कम हासिल किया है।”
रमेश ने कहा कि आयात उदारीकरण पर रोक लगाना सबसे महत्वपूर्ण कदम होना चाहिए, क्योंकि अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और खाद्य उत्पादों पर शुल्क कम करने या समाप्त करने की प्रतिबद्धता का सीधा असर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के किसानों पर पड़ेगा। उन्होंने विशेष रूप से सोयाबीन, मक्का, फल और कपास उत्पादकों पर संभावित असर की आशंका जताई।
उन्होंने 2019 में ह्यूस्टन में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ‘अबकी बार, ट्रंप सरकार’ नारे की याद दिलाते हुए कहा कि 6 फरवरी की डील साबित करती है—‘अबकी बार ट्रंप से हार’। रमेश ने आरोप लगाया कि यह समझौता संसद में प्रधानमंत्री पर राहुल गांधी के हमलों से ध्यान भटकाने के लिए जल्दबाजी में किया गया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि समझौते के ढांचे में स्पष्ट है कि परिस्थितियों में बदलाव होने पर दोनों देश अपनी प्रतिबद्धताओं में संशोधन कर सकते हैं। चूंकि ट्रंप प्रशासन ने टैरिफ में बदलाव किया है, भारत को भी अपने रुख पर पुनर्विचार करना चाहिए।
इस बीच, ट्रंप ने कहा है कि भारत के साथ उनके संबंध “शानदार” हैं और व्यापार समझौते में “कोई बदलाव नहीं” हुआ है। उन्होंने भारत द्वारा रूस से तेल खरीद बंद करने की प्रतिबद्धता की सराहना भी की।
कांग्रेस ने मांग की है कि मौजूदा भ्रम और किसानों की चिंताओं को देखते हुए सरकार इस समझौते को फिलहाल स्थगित कर व्यापक पुनर्विचार करे।
