
इंदौर से शुरू हुई लापरवाही दिल्ली तक पहुँची। पानी के 33 सैंपल फेल, यह लापरवाही नहीं बल्कि भाजपा सरकार का खुला अपराध है। – देवेन्द्र यादव
दिल्ली जल बोर्ड के तहत 25 टेस्टिंग लेब होने के बावजूद सिर्फ 2 लैब ही ग्लोबल स्टैंडर्ड सर्टिफाईड है, जो दिल्ली की 3 करोड़ जनता के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। -देवेन्द्र यादव
वीना टंडन
नई दिल्ली, – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने राजधानी में पीने के पानी के सैम्पल फेल होती जांच होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिल्ली में दूषित जल की सप्लाई के लिए भाजपा रेखा गुप्ता सरकार जिम्मेदार है क्योंकि दिल्ली जल बोर्ड के तहत 25 टेस्टिंग लेब होने के बावजूद सिर्फ 2 लैब ही ग्लोबल स्टैंडर्ड सर्टिफाईड है, जो दिल्ली की 3 करोड़ जनता के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। दिल्ली में लगातार गंदे पानी की सप्लाई की शिकायत के बाद 11 से 18 दिसम्बर के बीच जल शोधन संयत्रों से लिए गए सैंपल में 33 सैंपल स्वच्छ जल की शुद्धता में फेल पाए गए। भलस्वा, जनक पुरी, अशोक नगर, नांरग कालोनी, चंदर नगर सहित कई क्षेत्रां में गंदे पानी की सप्लाई से लोग परेशान है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा की सरकारें जनता की चिंता छोड़ अपने स्वार्थ साधने के लिए काम कर रही है। इंदौर में दो दिन पहले दूषित पानी की सप्लाई के कारण लगभग 15 लोगों की मौत पर भाजपा नेता पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है, जबकि 200 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि यदि रेखा गुप्ता अपनी कुंभकरणीय नींद से नही जागी तो इंदौर जैसी परिस्थितियां राजधानी दिल्ली में भी बन सकती है, क्योंकि दिल्ली जल बोर्ड के पास पीने के पानी और गंदे पानी की टेस्टिंग लैब एक्रेडिटेशन के मामले पिछड़ा हुआ है। 25 टेस्टिंग लैब में सिर्फ 2 लैब हैदरपुर और वजीराबाद की टेस्टिंग लैब ही ग्लोबल स्टैंडर्ड सर्टिफाईड है, जबकि दिल्ली जल बोर्ड लैब ने अक्टूबर में अपना एक्रेडिटेशन खो दिया था, जिसके कारण दिल्ली में सही मॉनिटरिंग और पब्लिक हेल्थ को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि गंदे पानी की सप्लाई लापरवाही नही, खुला अपराध है क्योंकि दूषित जल पीने लोगों को जान माल का नुकसान हो रहा है।
यादव ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड के पास 100 प्रतिशत टेस्टिंग लैब के एक्रेडिटेशन होने पर कोई परिपक्व जवाबदेही नही है और दिल्ली का एक्रेडिटेशन रेट मात्र 8 प्रतिशत है जबकि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार दिसम्बर 4 के अनुसार तमिलनाडू, त्रिपुरा, सिक्किम और नागालैंड में 100 प्रतिशत पब्लिक लैब एक्रेडिटेड है और हरियाणा में 98 प्रतिशत, असम में 94 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 66 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि जब भाजपा की केन्द्र सरकार जहां देश भर में जल जीवन मिशन चला रही है उसमें राजधानी में घरों तक दूषित पेयजल पहुॅचना केन्द्र और दिल्ली सरकार की नाकामी और लोगों के स्वास्थ्य के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि दिल्ली में जनकपुरी सहित कई जगह गंदे पानी की सप्लाई को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के बार-बार आदेश करने के बाद भी दिल्ली जल बोर्ड लोगों तक स्वच्छ पेयजल पहुॅचाने में विफल हो रहा है, जिससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंतित नही है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि देश की राजधानी में दूषित जल की सप्लाई को दुरस्त करने के लिए न तो भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार कोई सकारात्मक काम कर रही है और न ही पिछले आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के घरां तक स्वच्छ पेयजल पहुॅचाने के लिए कोई ठोस कदम नही उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण, बदहाल इन्फ्रास्ट्रक्चर, और औद्योगिक कचरे के कारण पानी की गुणवत्ता की समस्याएं पिछले 12 वर्षों ंसे अधिक बढ़ गई हैं। सभी बड़े नालों से गंदा अनुपचारित पानी खतरनाक अवशेष सीधे यमुना में गिरते है क्योंकि 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में लगभग 28 मानकों पर खरे नही है और फेकल कॉलीफार्म, बीओडी, टीएसएस जैसे पेरामीटर फेल होने के बावजूद दिल्ली पॉलूशन कंट्रोल कमेटी सब कुछ सही दिखाकर डाटा मेनटेन करके दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि दिल्ली में जनकपुरी सहित कई जगह गंदे पानी की सप्लाई को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के बार-बार आदेश करने के बाद भी दिल्ली जल बोर्ड लोगों तक स्वच्छ पेयजल पहुॅचाने में विफल हो रहा है, जिससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंतित नही है।



