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छोटी बालक बालिकाओं के साथ किया गया दुर्व्यवहार सोशल मीडिया पर खूब हो रहा वायरल वीडियो

स्टार न्यूज टेलिविजन आगरा (इटावा से)वैसे तो विद्या को शिक्षा के प्रति एक छोटी बालक बालिकाओं के साथ किया गया दुर्व्यवहार

सोशल मीडिया पर खूब हो रहा वायरल वीडियो

वैसे तो विद्या को शिक्षा के प्रति एक मंदिर माना जाता है। उनको शिक्षा देने वाले अध्यापकों को सर्वोत्तम पद गुरु की उपाधि दी जाती है। लेकिन आज के आधुनिक युग में मासिक शुल्क को लेकर शिक्षा का स्तर बढ़ने के बजाय निचले स्तर पर गिरता जा रहा हैं। और आम जनजीवन के हिसाब से गरीबों तक के बच्चों को पढ़ने में मासिक शुल्क में वृद्धि होने पर बहुत परेशानी का सामना उनके परिवारी जनों को करना पड़ रहा है।

हम बात कर रहे हैं। शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले प्राइवेट विद्यालयों की जहां सरकार के आदेशों के विपरीत अपना मनमाना रवैया अपनाए बैठे शिक्षा माफिया द्वारा मासिक शुल्क को लगातार बढाकर मध्य तथा गरीब स्तर के बच्चों के परिजनों को बहुत खूब ढंग से लूटा जा रहा है।

वही एक ओर सोशल मीडिया पर एक वीडियो धड़ल्ले से वायरल हो रहा है जिसमें वायरल वीडियो के मुताबिक एक विद्यालय जिसमें कक्षा प्रथम की बालिका द्वारा बताया गया कि वह बाबूराम सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कॉलेज बकेवर मैं पढ़ती है जिसमें सोमवार को वह स्कूल जाने के बाद अपनी कक्षा में पहुंची जहां क्लास टीचर द्वारा मासिक शुल्क शेष होने पर बालिका को कक्षा के बाहर जमीन पर बैठाया गया। और रोज की भांति मिलने वाला गृह कार्य नहीं दिया गया। बालिका के कहने पर क्लास टीचर द्वारा यह कहकर मना कर दिया गया कि तुम्हारे स्कूल की फीस अभी बकाया है तुमको सभी बच्चों के साथ बैठना सही नहीं है।

अब सवाल यह है कि आखिर मासिक शुल्क शेष होने पर क्लास टीचर या विद्यालय प्रबंधन को यह अधिकार कहां से मिल गया कि बकाया मासिक शुल्क होने पर बालक या बालिकाओं को उनके साथ बर्बरता कर जमीन पर बैठाना और प्रतिदिन का गृह कार्य न देना कहां का निर्देश है।

वही इस संबंध में मध्यम तथा गरीब तबके के अभिभावकों ने जिला अधिकारी इटावा अवनीश कुमार राय से मांग की है कि इन प्राइवेट विद्यालयों की छटनी करके इन पर ठोस कदम उठाया जाए और एक निश्चित और सीमित मासिक शुल्क लिया जाए जिससे उनकी आमदनी पर बोझ ना पड़े।मंदिर माना जाता है। उनको शिक्षा देने वाले अध्यापकों को सर्वोत्तम पद गुरु की उपाधि दी जाती है। लेकिन आज के आधुनिक युग में मासिक शुल्क को लेकर शिक्षा का स्तर बढ़ने के बजाय निचले स्तर पर गिरता जा रहा हैं। और आम जनजीवन के हिसाब से गरीबों तक के बच्चों को पढ़ने में मासिक शुल्क में वृद्धि होने पर बहुत परेशानी का सामना उनके परिवारी जनों को करना पड़ रहा है।

हम बात कर रहे हैं। शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले प्राइवेट विद्यालयों की जहां सरकार के आदेशों के विपरीत अपना मनमाना रवैया अपनाए बैठे शिक्षा माफिया द्वारा मासिक शुल्क को लगातार बढाकर मध्य तथा गरीब स्तर के बच्चों के परिजनों को बहुत खूब ढंग से लूटा जा रहा है।

वही एक ओर सोशल मीडिया पर एक वीडियो धड़ल्ले से वायरल हो रहा है जिसमें वायरल वीडियो के मुताबिक एक विद्यालय जिसमें कक्षा प्रथम की बालिका द्वारा बताया गया कि वह बाबूराम सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कॉलेज बकेवर मैं पढ़ती है जिसमें सोमवार को वह स्कूल जाने के बाद अपनी कक्षा में पहुंची जहां क्लास टीचर द्वारा मासिक शुल्क शेष होने पर बालिका को कक्षा के बाहर जमीन पर बैठाया गया। और रोज की भांति मिलने वाला गृह कार्य नहीं दिया गया। बालिका के कहने पर क्लास टीचर द्वारा यह कहकर मना कर दिया गया कि तुम्हारे स्कूल की फीस अभी बकाया है तुमको सभी बच्चों के साथ बैठना सही नहीं है।

अब सवाल यह है कि आखिर मासिक शुल्क शेष होने पर क्लास टीचर या विद्यालय प्रबंधन को यह अधिकार कहां से मिल गया कि बकाया मासिक शुल्क होने पर बालक या बालिकाओं को उनके साथ बर्बरता कर जमीन पर बैठाना और प्रतिदिन का गृह कार्य न देना कहां का निर्देश है।

वही इस संबंध में मध्यम तथा गरीब तबके के अभिभावकों ने जिला अधिकारी इटावा अवनीश कुमार राय से मांग की है कि इन प्राइवेट विद्यालयों की छटनी करके इन पर ठोस कदम उठाया जाए और एक निश्चित और सीमित मासिक शुल्क लिया जाए जिससे उनकी आमदनी पर बोझ ना पड़े।
आगरा से अमीन अहमद की रिपोर्ट

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