
करोड़ों के भ्रष्टाचार की बैतरनी मे गोता लगा रही सरिता पति है विकास पुरुष मनोज सिन्हा का अति खास
स्टार न्यूज़ टेलीविजन
स्पेशल रिपोर्ट ब्यूरो
– यूपी नगर विकास अनुभाग संख्या-6 से 5 अक्टूबर को जारी हुई नोटिस, नपा प्रशासन में मचा हड़कम्प
– 18 मामलों की जांचोपरांत 7 मामलों में प्रथम दृष्टया आरोप हुआ सिद्ध, अंजाम को सोचकर सहमा नपा प्रशासन
– आयुक्त वाराणसी मंडल, निकाय निदेशक लखनऊ समेत डीएम, सचिव लोकायुक्त, ईओ नपा को भेजी गई नोटिस की प्रतिलिपि
– नपा अध्यक्ष को दो दिन के भीतर नोटिस तामीला कारकर सूचना शासन को उपलब्ध कराने का डीएम को दिया गया निर्देश
नपा गाजीपुर की अध्यक्ष सरिता अग्रवाल के विरुद्ध 18 बिंदुओं पर प्राप्त शिकायत के क्रम में तत्कालीन जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था, जिसमें तत्कालीन मुख्य राजस्व अधिकारी, एसडीएम व वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा शामिल किये गये थे। जांच आख्या 20 मई 2026 को प्राप्त हो गई। जांच आख्या के आधार पर सात बिंदुओं पर में प्रथम दृष्टया आरोप सिद्ध पाया गया है। इस सम्बंध में उत्तर प्रदेश शासन नगर विकाय अनुभाग संख्या- 6 लखनऊ से 5 अक्टूबर को नपा अध्यक्ष सरिता अग्रवाल को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। प्रमुख सचिव द्वारा जारी किये गये नोटिस में सप्ष्ट शब्दों में अंकित किया गया हैं कि नपा अध्यक्ष सरिता अग्रवाल पर लगे आरोपों में 7 मामलों में प्रथम दृष्टया दोष सिद्ध पाया गया हैं। चूंकि आरोप गम्भीर प्रवृत्ति के हैं, इसलिए राज्यपाल यह निर्देश देते हैं कि उक्त नोटिस प्राप्त होने के 15 दिन के अंदर यदि अपका आपेक्षित जबाब प्राप्त नहीं होता हैं तो यह मान लिया जायेगा कि आपको इस सम्बंध में कुछ नहीं कहना हैं और मामले में उपलब्ध अभिलेखों तथा गुण-दोष के आधार पर नपा अधिनियम-1916 की धारा-48 की सुसंगत धाराओं के तहत अग्रिम कार्रवाई प्रारम्भ कर दी जायेगी। हालांकि सरिता व पति विनोद जी मनोज सिन्हा के अति खास है और दोनों पति पत्नी ने 10साल के अंदर शहर के पास इलाके में आधा दर्जन बेशकीमती प्लांट जरूर खरीद लिया है।
शिकायत में वर्ष 2016-17 में राज्य वित्त आयोग से सड़क निर्माण कार्य के लिए प्राप्त धनराशि का भुगतान मद परिवर्तन को बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृति लिये ही भुगतान कर दिया गया। इस मामले की जांच में पाया गया कि राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से निर्माण की कार्रवाई पूर्ण करते हुए निविदा आमंत्रित की गई, जिसमें भुगतान 12वें व 13वें वित्त आयोग मद से किये जाने की बात अंकित की गई। इस सम्बंध में भुगतान वर्ष 2020-21 में दर्शाते हुए वर्तमान अध्यक्ष द्वारा स्पष्टीकरण में अंकित बिंदुओं का परिशीलन करने से स्पष्ट हैं कि देंडरदाता मे. अम्बे इंटरप्राइजेज टेढ़ी बाजार द्वारा कार्य कराने के लगभग 3 वर्षो बाद भुगतान के लिए अवशेष रह गई धनराशि को अपनी पारिवारिक परिस्थितियों को दर्शाते हुए तत्कालीन नपा अधिशासी अधिकारी से अनुरोध करने पर कार्यालय आख्या व ईओ की संस्तुति के आधार पर 38,31,734.00 लाख रुपये का भुगतान हुआ। इस भुगतान में सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त किये जाने का प्रमाण पत्रावली पर उपलब्ध नहीं हैं।
गर्ग ट्यूब एजेंसी से ईदगाह तक सड़क के उत्त्र साइड पटरी पर रबराईज्ड मोल्डेड इंटरलाकिंग पेवमेंट व नाला निर्माण कार्य में स्वीकृत निविदा की धनराशि से अधिक धनराशि भुगतान करने का मामला उजागर हुआ है। जांच में पता चला कि 23,34,000.00 की निविदा प्रकाशित होने पर न्यूनतम निविदा मेसर्स अम्बे इंटरप्राइजेज की स्वीकृत किया गया। जबकि इस कार्य में निविदा के दौरान निर्धारित धनराशि से हटकर 31,07,634 लाख रुपये का भुगतान किया गया। जांच में यह भी पता चला कि तत्कालीन चेयरमैन विनोद अग्रवाल के कार्यकाल में इस निर्माण कार्य की प्रथम रनिंग बिलिंग 17 मार्च 2017 को 10,58,829 व द्वितीय भुगतान 22 जून को 11,00,000 लाख का हुआ। उक्त निर्माण कार्य निविदा की धनराशि 23,34,000 लाख के सापेक्ष 22,72,091,00 लाख का भुगतान हुआ। चेयरमैन सरिता अग्रवाल के कार्यकाल में 28 मार्च 2018 को 5,63,262.00 का भुगतान हुआ। इस प्रकार कुला 27,22,091.00 का भुगतान हुआ। इस प्रकार जांच में पता चला कि स्वीकृत धनराशि 23,34,000.00 के सापेक्ष 27,22,091.00 लाख का भुगतान हुआ है।
नपा द्वारा बंघीबाजार में कृषि भवन से लोहिया भवन तक सड़क के दक्षिण साइड पर रबराइज्ड मोल्डेड इंटरलाकिंग पेवमेंट एंव नाला निर्माण कार्य के भुगतान में गड़बड़ी पाई गई है। यहा भी निर्माण कार्य में कुल धनराशि 37,44,000.00 का भुगतान हुआ, जो निविदा की स्वीकृत धनराशि 37,44,000.00 लाख से 18,39,203.00 लाख अधिक भुगतान हुआ है।
एलआईसी चौराहा से आरआर इंटरनेशनल स्कूल तक सड़क के दोनों पटरी पर रबराइज्ड मोल्डेड इंटरलाकिंग पेवमेंट एवं नाली निर्माण कार्य के भुगतान में भी गड़बड़ी पाई गई। न्यूनतम निविदादाता द्वारा कार्य कराने के उपरांत सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग द्वारा किये गये प्रमाण के उपरांत तत्कालीन चेयरमैन विनोद अग्रवाल के कार्यकाल में 31 मार्च 2017 को 9,44,857 लाख तथा 1 जुलाई 2017 को 6,94,756 का भुगतान हुआ। चेयरमैन सरिता अग्रवाल के कार्यकाल में 28 मार्च 2018 को 12,15,060 लाख, 11 मई को 2384,509 लाख का भुगतान हुआ। कुल 52,39,182 लाख का भुगतान हुआ, जो निविदा की स्वीकृत धनराशि 34,14,000.00 लाख से 18,25,182 लाख अधिक है।
आमघाट सरकारी कालोनी से गजल होटल के पीछे से गांधी पार्क होते हुए कोतवाली मुख्य रोड तक सड़क के दोनों पटरी का चौड़ीकरण, नाली मरम्मत व नाली ढक्कन के निर्माण से सम्बंधित भुगतान में भारी पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई है। यहा भी निर्मित आगणन 22,57,750 की स्वीकृत के विरुद्ध 39.24 लाख का भुगतान किया गया है।
इसी प्रकार निर्माण कार्य गजल होटल के पीछे से कोतवाली गेट तक नाली से नाली पीसी कार्य के सम्बंध में प्राप्त हुई शिकायत पर जांच में भारी पैमाने पर धनराशि की अनियमितता सामने आई है। यहां भी स्वीकृत धनराशि 12 लाख के विरुद्ध 19.12 लाख का भुगतान किया गया है।
अफीम फैक्ट्री से नगरपालिका चौराहा तक सड़क के दोनों पटरी पर रबरयुक्त मोल्डेड इंटरलाकिंग पेवमेंट व आवश्यकतानुसार नाला निर्माण कार्य के सम्बंध में मिली शिकायत पर हुई जांच में भी अनियमितता पाई गई है। यहां भी स्वीकृत निविदा धराशि 24 लाख के विरुद्ध 36.73 लाख का भुगतान किया गया है।
*डीएम के माध्यम से मांगा गया नोटिस का जबाब*
नगर विकास अनुभाग-6 लखनऊ के विशेष सचिव उदय भानु त्रिपाठी की ओर से जारी इस नोटिस में स्पष्ट रुप से अंकित किया गया हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर भारी वित्तीय अनियमितता सामने आई है। इससे स्पष्ट होता हैं कि चेयरमैन द्वारा नपा अधिनियम-1916 की धारा-48 (2) में उल्लिखित प्रावधानों का उलंघन किया गया है। तत्कालीन डीएम द्वारा 26 मई व 27 जुलाई 2026 को उपलब्ध कराई गई जांच आख्या से प्रथम दृष्टया आरोप सिद्ध होता है। इस मामले में चेयरमैन को अविलम्ब डीएम के माध्यम से अपना पक्ष स्पष्ट करने एवं कारण बताए जाने का निर्देश दिया गया है।





