
मतदाताओं की सहूलियत के लिए 2 मतदेय स्थलों का पुनर्गठन जिले में अब होंगे कुल 3335 बूथ:अनुपम शुक्ला
स्टार न्यूज़ टेलिविजन
व्युरो रिपोर्ट
गाजीपुर;जनपद में आगामी चुनावों के मद्देनजर मतदाताओं की सहूलियत और पारदर्शी मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए मतदेय स्थलों (पोलिंग बूथों) के युक्तिकरण और सम्भाजन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में राइफल क्लब में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय व राज्यीय राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इसमें 1200 मतदाताओं के मानक पर मतदेय स्थलों के पुनर्गठन प्रस्ताव पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से सहमति बनी। 2 किमी से अधिक नहीं होगी दूरी, सभी बूथ भूतल पर बने है।
जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बैठक में बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जनपद में अत्यधिक पुराने और जर्जर भवनों में संचालित होने वाले मतदेय स्थलों को उसी क्षेत्र के सुरक्षित व स्थायी सरकारी भवनों में स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके साथ ही यह विशेष ध्यान रखा गया है कि किसी भी मतदाता को अपने मतदेय स्थल तक पहुँचने के लिए 2 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय न करनी पड़े। सभी मतदान केंद्रों को भूतल पर स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वृद्ध व दिव्यांग मतदाताओं को कोई असुविधा न हो। इसके अतिरिक्त सभी केंद्रों पर एएमएफ (न्यूनतम मूलभूत सुविधाएं) जैसे रैम्प, पेयजल, शौचालय, बिजली, छांव (शेड) और फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
भौतिक सत्यापन और सघन सर्वे के बाद जिले में कुल 2 नए मतदेय स्थल बढ़ाए गए हैं जहाँ मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक हो गई थी। वहीं दूसरी ओर, भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार 1200 से कम मतदाता होने के कारण 45 ऐसे मतदेय स्थलों को दूसरे बूथों में समायोजित (मर्ज) कर दिया गया है। इस पुनर्गठन के परिणामस्वरूप जनपद में वर्तमान में संचालित कुल 3378 मतदेय स्थलों की संख्या में कुल 45 बूथों की कमी आएगी एवं 02 बूथ बढ़ाये गये है। अब जनपद में कुल प्रस्तावित मतदेय स्थलों की संख्या 3335 हो जाएगी। इस अंतिम पुनर्गठन प्रस्ताव को मंजूरी के लिए भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों से प्राप्त कुल 47 प्रस्तावों/सुझावों का बारीकी से परीक्षण किया गया। इनमें से आयोग की गाइडलाइंस के अनुरूप पाए गए 10 महत्वपूर्ण सुझावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त भौतिक सत्यापन के बाद जर्जर घोषित हो चुके 41 मतदेय स्थलो को स्थानान्तरित किया गया।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी वेद सिंह चौहान, समस्त उप जिलाधिकारी, जनपद के मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि यथा राजन प्रजापति, कार्यालय मंत्री भाजपा, राजेश यादव, जिला सचिव सपा, आदित्य कुशवाहा, जिला महासचिव, संदीप विश्वकर्मा, शहर अध्यक्ष, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, नागेंद्र शर्मा, जिला मीडिया प्रभारी आम आदमी पार्टी, निर्वाचन कार्यालय के देवी प्रसाद सिंह सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी व अन्य संबंधित अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। समीक्षा के बाद सभी दलों ने एक स्वर में इस जनहितैषी प्रस्ताव पर अपनी पूर्ण सहमति प्रदान की।






