
भारत पर दुनिया इसलिए करती है भरोसा’ — तीखे सवालों पर भारतीय राजदूत सिबी जॉर्ज का जवाब
‘
वीना टंडन
नई दिल्ली। मानवाधिकार और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर एक महिला पत्रकार द्वारा पूछे गए तीखे सवालों का भारत के वरिष्ठ राजनयिक सिबी जॉर्ज ने मजबूती से जवाब दिया। पत्रकार ने सवाल किया था कि दुनिया भारत पर भरोसा क्यों करे और क्या भारत में मानवाधिकार उल्लंघन बंद होंगे? साथ ही यह भी पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री Narendra Modi भारतीय मीडिया के कठिन सवालों का जवाब देना शुरू करेंगे?
इन सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि पांच हजार साल पुरानी सभ्यता है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था, संप्रभुता, आबादी और संवैधानिक मूल्यों से होती है।
उन्होंने कहा, “कोरोना महामारी के दौरान भी भारत ने दुनिया से खुद को अलग नहीं किया, बल्कि जरूरतमंद देशों की मदद के लिए आगे आया। यही कारण है कि दुनिया भारत पर भरोसा करती है।”
‘भारत का संविधान देता है समान अधिकार’
सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत का संविधान नागरिकों के मौलिक अधिकारों की गारंटी देता है और देश में महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं को आजादी के तुरंत बाद 1947 में मतदान का अधिकार मिल गया था, जबकि कई देशों में यह अधिकार काफी बाद में मिला।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में कानून का शासन है और देश अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करता है। जॉर्ज बोले, “लोकतंत्र का सबसे बड़ा उदाहरण सरकार बदलने और वोट देने का अधिकार है, और भारत में यह पूरी मजबूती के साथ लागू है।”
-‘दुनिया को भारत ने दिया शून्य, शतरंज और योग’
भारत की वैश्विक भूमिका पर बोलते हुए जॉर्ज ने कहा कि दुनिया की कुल आबादी का एक-छठा हिस्सा भारत में रहता है, लेकिन दुनिया की समस्याओं का एक-छठा हिस्सा भारत नहीं है।
उन्होंने कहा, “शून्य का उद्गम भारत में हुआ, शतरंज भारत की देन है और योग को आज पूरी दुनिया अपना रही है।”
सिबी जॉर्ज ने G20 New Delhi Summit 2023 का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने विभाजित देशों को एक मंच पर लाकर सर्वसम्मति से घोषणा पत्र पारित करवाया, जो भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
—
‘NGO रिपोर्ट पढ़कर भारत को समझना गलत’
भारतीय मीडिया और प्रेस स्वतंत्रता पर उठे सवालों पर जॉर्ज ने कहा कि कुछ लोग केवल गैर सरकारी संगठनों की रिपोर्ट पढ़कर भारत को समझने की कोशिश करते हैं, जबकि भारत का वास्तविक पैमाना और विविधता उससे कहीं ज्यादा बड़ी है।
उन्होंने कहा, “दिल्ली में ही सैकड़ों न्यूज चैनल हैं और वे अलग-अलग भाषाओं में काम करते हैं। भारत की मीडिया बेहद विशाल और सक्रिय है।”
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मीडिया के सवालों का जवाब न देने के मुद्दे पर जॉर्ज ने कहा कि यात्रा के दौरान मीडिया को जानकारी देना उनकी जिम्मेदारी है और वह लगातार यह काम कर रहे हैं।






