
आरएसएस शताब्दी समारोह के विज्ञापनों पर ₹76 लाख खर्च, RTI से खुलासा
वीना टंडन
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर के प्रिंट मीडिया में दिए गए विज्ञापनों पर केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने कुल 76,13,129 रुपये खर्च किए हैं। यह जानकारी 13 अप्रैल 2026 को संस्कृति मंत्रालय के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) पप्पूंजय कुमार द्वारा आरटीआई के जवाब में दी गई।
मंत्रालय के अनुसार यह खर्च केवल प्रिंट मीडिया में प्रकाशित विज्ञापनों से संबंधित है और यह राशि सीधे संस्कृति मंत्रालय द्वारा वहन की गई। यह स्पष्ट किया गया कि यह आंकड़ा पूरे शताब्दी समारोह के कुल आयोजन खर्च का हिस्सा नहीं है।
सूत्रों के अनुसार आरएसएस के शताब्दी समारोह का आयोजन 1 अक्टूबर 2025 को संस्कृति मंत्रालय द्वारा किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे। इस अवसर पर स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किए गए थे, साथ ही विभिन्न अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित किए गए।
एनआईसी की मंजूरी के बाद होता है आयोजन
संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि इस तरह के आयोजन ‘शताब्दी एवं वर्षगांठ’ कार्यक्रम के तहत किए जाते हैं, जिनकी मंजूरी नेशनल इम्प्लीमेंटेशन कमेटी (एनआईसी) द्वारा दी जाती है, जिसकी अध्यक्षता गृह मंत्री करते हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह प्रक्रिया ऐतिहासिक घटनाओं, संस्थानों और व्यक्तित्वों की स्मृति को आधिकारिक रूप से मनाने की मानक व्यवस्था का हिस्सा है।
मंत्रालय के अनुसार इसी प्रक्रिया के तहत आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने का आयोजन भी शामिल किया गया था।
RTI के बाद सामने आई जानकारी
मामले में पूछे गए सवालों के जवाब सीधे ईमेल पर नहीं मिले, लेकिन संस्कृति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत में पुष्टि की गई कि ऐसे सभी स्मरणोत्सव एनआईसी की मंजूरी के बाद ही आयोजित किए जाते हैं और विज्ञापन, सिक्के तथा डाक टिकट जारी करना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
अन्य आयोजनों का भी हवाला
मंत्रालय ने यह भी बताया कि इसी तरह वंदे मातरम के 150 वर्ष, सरदार पटेल की जन्मशती, गुरु तेग बहादुर की शहादत के 350 वर्ष और अन्य ऐतिहासिक अवसरों पर भी इसी प्रक्रिया के तहत आयोजन किए जाते हैं।
राजनीतिक संदर्भ भी चर्चा में
आरएसएस की शताब्दी और सरकारी सहभागिता को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। गौरतलब है कि वर्तमान संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का संबंध आरएसएस से जुड़े संगठनों जैसे एबीवीपी और स्वदेशी जागरण मंच से रहा है।



