
नवजात के शव के साथ अमानवीय घटना की हो उच्चस्तरीय जांच: एस एस नोमानी
स्टार न्यूज़ टेलीविजन
राकेश पाण्डेय
लखनऊ:बांदा जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर ए. एस. नोमानी का बड़ा हमला, नवजात के शव के साथ अमानवीय घटना की उच्चस्तरीय जांच और जनप्रतिनिधि पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग।
बांदा। जनपद बांदा की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों में लगातार सामने आ रही लापरवाही को लेकर बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी बांदा के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
ए. एस. नोमानी ने कहा कि बबेरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान डॉक्टरों एवं सुरक्षा गार्डों की कार्यप्रणाली पर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप हैं कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिलता, मरीजों को बाहर से दवाइयां एवं जांचें लिखी जाती हैं तथा उनके साथ उचित व्यवहार भी नहीं किया जाता। इन सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा में नवजात शिशु के शव को कुत्ते द्वारा नोचकर खाने की घटना को बेहद शर्मनाक और मानवता को झकझोर देने वाला बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक नवजात का शव तक सुरक्षित नहीं रह सकता, तो अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी आखिर कौन तय करेगा? इस मामले में उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
ए. एस. नोमानी ने बबेरू सीएचसी प्रकरण में जिला पंचायत सदस्य एवं जनप्रतिनिधि पर दर्ज एफआईआर पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है, तो जनप्रतिनिधि पर दर्ज एफआईआर वापस ली जाए।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल किसी अधिकारी या कर्मचारी की निजी जागीर नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद जनता के जीवन का सहारा हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही, मरीजों के साथ दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई, तो बुंदेलखंड इंसाफ सेना जनता के हित में लोकतांत्रिक तरीके से आवाज बुलंद करेगी।






