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पूर्व मंत्री उदयभान चौधरी ने ब्राह्मण बुद्धिजीवियों से मुलाकात के दौरान कहा रुनकता का विकास मेरे दिल के करीब

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अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा ने जनपद की रुनकता ग्राम पंचायत नगर पंचायत घोषित करने के प्रयास किये जायें, अनेक सांस्कृतिक धरोहरों को समेटे रुनकता का अर्ध शहरी करण हो चुका है और यह नगर पंचायत घोषित किये जाने के सर्वथा अनुकूल है। उपरोक्त मांग अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मंत्री चौधरी उदयभान से सिरकी मंडी स्थित उनके निवास पर मुलाकात के दौरान की। उनसे मिलने पहुंचे द्विज महानुभावों ने चौ उदयभान सिंह को याद दिलाया कि नगर पंचायत का दर्जा दिये जाने की कोशिश करने की शुरुआत उन्होंने ही की थी और इसे राजस्व परिषद के नोटिफिकेशन करने की स्थिति तक पहुंचाय है।वर्तमान में यह मामला शासन ने ठंडे बस्ते में डाला हुआ है,क्षेत्रीय नागरिकों के साथ ही ब्राह्मण समाज चाहता है कि ग्राम सभा को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाये।

ब्राह्मणों ने राजस्थान सरकार के द्वारा बृज क्षेत्र के प्राचीन ग्रामीण क्षेत्र ‘नगर’ को’ बृनगर’ घोषित किये जाने को प्रेरक प्रसंग माना है।कहा है कि गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर पडने वाले डीग जिले के ‘नगर’ कस्बे का नाम बदलकर अब आधिकारिक रूप से ‘बृज नगर’ कर दिया है।

ब्राह्मण बुद्धिजीवियों ने भाजपा नेता को बताया कि रुनकता में परशुराम जी के पिता जमदग्नि ऋषि का आश्रम और मंदिर है,यही नहीं रावण के पिता ऋषि विश्रवा (ऋषि विश्व) था कुबेर से जुड़ा स्थान है, पूर्व में यहां पवित्र ज्यामितीय उपकरण कुबेर यंत्र भी यहां स्थापित था,जिसे कि आक्रांताओं के द्वारा क्षतिग्रस्त करने के उपरांत अपने साथ ही ले जाया गया था।बृहामण प्रबुद्धो ने बताया कि रुनकता बृज की चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग को आगरा की ओर से सबसे सुदूर गांव है।यहां के रेणुका घाट पर बृजवास करने आने वाले आस्था से स्नान करते हैं।

श्री उदय भान ने कहा कि उनके पिछले कार्यकाल में यह कार्य पूरा नहीं हो सका।वह सोचते हैं कि अब इसे पूरा करने का समय आ गया है।उन्होंने कहा कि ब्राह्मणें के द्वारा बृज संस्कृति को समृद्ध करने वाली इस अपेक्षा को शासन खास कर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी तक यह मामला पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने ब्राह्मण प्रबुद्धो से कहा कि अगर संभव हो सके तो संगठन के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री जी और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के समक्ष भी मामला उठाने का प्रयास करेंगे . उन्होंने कहा के रुनकता से पुराना नाता है और उनके दिल के करीब है.

पूर्व मंत्री को बताया कि रुनकता जनपद महत्वपूर्ण और ब्रजमंडल का सबसे प्राचीन गांव है।द्वापर कृष्ण काल का युग था,जबकि राम और रामायण का काल त्रेता युग ट्रेट युग माना जाता है।

अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि रुनकता उनके लिये आस्था स्थल है,जब तक यमुना नदी का प्रवाह गोकुल बैराज के नियंत्रण से मुक्त रहा,यमुना नदी की पौराणिक विशिष्टियां विद्यमान रहीं।

उल्लेखनिय है कि ग्राम पंचायत रुनकता को नगर पंचायत का दर्जा दिये जाने का मार्ग प्रशस्त है,लेकिन प्रस्ताव प्रेषित किये जाने के बाद उसके क्रियान्वयन के लिये अब तक कुछ ठोस नहीं किया गया। 14 सितंबर 2019 को फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक चौधरी उदयभान सिंह ने रुनकता को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव दिया था। स्थानीय प्रशासन ने उनके इस प्रस्ताव पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी थी।तत्क्रम में शासन ने रुनकता को आगरा जनपद की नई नगर पंचायत बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी ।तत्कालीन नगर विकास के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने इस संबंध में बीती 16 जुलाई को आदेश भी जारी कर दिया है। उन्होंने इस प्रस्ताव पर आपत्ति और सुझाव आमंत्रित करने के लिए कहा है। विज्ञापन जारी होने के 15 दिन के भीतर आपत्ति और सुझाव लिए जाएंगे।

अपने प्रयासों को गति दिये जाने के लिए तत्कालीन विधायक चौ उदयभान सिंह ने उ0प्र0 विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली-1058 के नियम 51 के अन्तर्गत विधान सभा में प्रश्न पूछा जिस पर सरकार के द्वारा बताया गया कि जनपद-आगरा के तहसील किरावली की ग्राम पंचायत रुनकता को नगर पंचायत का दर्जा दिये जाने के संबंध में उपजिलाधिकारी किरावली की जांच आख्या संस्तुति सहित नगर विकास अनुभाग-1, उ0प्र0 शासन को प्रेषित की जा चुकी है।

रुनकता के विकास में तेजी होगी.

अगर रुनकता टाउन एरिया बन सका तो यहां व्यवस्थित विकास कार्य संभव हो सकेगा। शुद्ध पेयजल और सीवर के व्यवस्थित निस्तारण के लिये सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाना भी टाउन एरिया बन जाने के बाद ही संभव हो सकेगा।

उल्लेखनीय है कि रुनकता पर मथुरा जनपद की सीमा समाप्त होती है,इसे बृज का सीमांत और बृज प्रभावी संस्कृति का अभिन्न भाग माना जाता है।गांव के यमुना तटीय रेणुका घाट पर पी ए सी की स्थायी चौकी है। माना जाता है कि यमुना नदी में चाहे जितना भी कम पानी हो किंतु रेणुका घाट पर जल की भरपूरता बनी रहती है। वर्तमान में यमुना नदी पार बलदेव (जनपद मथुरा ) आने जाने के लिये घाट पर नाव संचालन होता है।

पूर्व मंत्री से मिलने वालों में डॉ महेश शर्मा, डॉ मधु भारद्वाज , के एन अघनोत्री और अनिल शर्मा शामिल थे

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