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सरस मेले में साउथ इंडियन सामानों की हो रही जमकर खरीदारी

ष्ट प्रदर्शनी का कर रहीं प्रदर्शन* *सरस आजीविका मेला, भारत मंडपम, हॉल नंबर– 8, 9 और 10*

वीना टंडन
नई दिल्ली।सरस आजीविका मेले में साउथ इंडियन सामानों की जमकर खरीदारी हो रही है। आंध्र प्रदेश के सत्य साईं जिला से आई हुईं जानसी स्वयं सहायता समूह की तिरुपाल अम्मा बताती हैं कि सरस मेले में वह अपने स्टॉल नंबर दो पर होम डेकोर के सामानों में बेड लैंप, फ्लोर लैंप, पपेट, वॉल हैंगिंग, सीलिंग लैंप जैसे तमाम सामान लेकर आई हुई हैं। उन्होंने बताया कि उनके स्टॉल पर 250 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक की सामान लेकर आई हुई हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उनके स्टॉल पर सबसे महंगे सामान लेदर पट्टाभिषेक है जिसपर की पूरी रामायण को दर्शाया गया है।

वहीं, आंध्र प्रदेश की गुंटुर जिले से आई हुईं भवानी महिला ग्रुप की वेमुरी वेंकेंट लक्ष्मी बताती हैं कि सरस मेले में वह अपने स्टॉल नंबर 35 पर स्नैक्स के सामान लेकर आई हुई हैं। उन्होंने बताया कि उनके स्टॉल पर पिकल, वड़ी, नल्लाकारम, चना कोकोनट स्पाइस, तुर दाल स्पाइसेज, हल्दी पॉउडर, मिर्च पॉउडर आदि लेकर आई हुई हैं। उनके स्टॉल पर सत्तर रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक के सामान है। साथ ही उन्होंने बताया कि न्लालकारम पॉउडर जिसे गनपाउडर भी बोलते हैं उसका इस्तेमाल इडली के उपर डालकर खाने में किया जाता है। साथ ही उनके पास सांभर पाऑडर वगैरह भी उपलब्ध हैं जिसकी जमकर खरीदारी हो रही है।

वहीं, साउथ इंडियन स्टेट केरल से भी कुल पांच स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें केरल के पालाक्काड जिले से आई हुईं चामुंडेश्वरी स्वयं सहायता समूह की मणीमेखला बताती हैं कि उनके स्टॉल नंबर सोलह पर केरला हैंडलूम साड़ी, टिस्सू साड़ी, सूट मेटेरियल, धोती, लुंगी, कलर शिल्क साड़ी आदि सामान लेकर आई हुई हैं, जिसकी जमकर खरीदारी हो रही है। इनके स्टॉल पर पांच सौ रुपये से लेकर पांच हजार तक के सामान हैं। वहीं, केरल के स्टॉल नंबर 45 और 46 पर नेचुरल फूड आइटम्स में कटहल का चिप्स, केले का चिप्स, ब्लैक हलवा और लड्डू आदि लेकर आए हुए हैं।

ज्ञात हो कि दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 44वें विश्व व्यापार मेले में एक बार फिर परंपरा, क्राफ्ट, कला एवं संस्कृति से सराबोर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” थीम के साथ, 14 नवंबर से 27 नवंबर तक प्रसिद्ध सरस आजीविका मेला 2025 का आयोजन किया जा रहा है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित सरस आजीविका मेला 2025 में ग्रामीण भारत की शिल्पकलाओं का मुख्य रूप से प्रदर्शन किया जा रहा है। 14 नवंबर से 27 नवंबर तक चलने वाले इस उत्सव में 31 राज्यों की 300 से अधिक महिला शिल्प कलाकार, 150 से अधिक स्टॉलों पर अपनी-अपनी उत्कृष्ट प्रदर्शनी का प्रदर्शन कर रही हैं।

सरस आजीविका मेला के दौरान देश भर के 31 राज्यों के हजारों उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री होगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा यह एक मुहिम की शुरुआत की गई है जिससे कि हमारे देश के हस्तशिल्पियों और हस्तकारों को अपनी रोजगार शुरू करने का मौका मिल सके। ताकि
केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया आत्मनिर्भर भारत का संकल्प व “वोकल फॉर लोकल”, “लोकल टु ग्लोबल” अभियान को बढ़ावा मिल सके। साथ ही प्रधानमंत्रीजी के ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का सपना भी साकार हो सके। सरस में इस बार लखपति दीदियों पर फोकस किया गया है। यही कारण है कि सरस को पांच जोन में लखपति दीदियों के राज्यों के हिसाब से बांटा गया है।

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