
नीले ड्रम हत्याकांड में बड़ा फैसला: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा
पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में अदालत का सख्त रुख, करीब 13 महीने चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद सुनाया फैसला
वीना टंडन
मेरठ: देशभर में सुर्खियां बटोरने वाले मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों को मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी ठहराया गया था। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को सजा का ऐलान होने के बाद इस सनसनीखेज मामले में एक अहम कानूनी पड़ाव पूरा हो गया।
नीले ड्रम में छिपाया था शव, देशभर में मचा था हड़कंप
यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था। जांच में खुलासा हुआ कि सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उनके शव के टुकड़ों को एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में छिपाया गया था। शव को छिपाने के लिए ड्रम में सीमेंट और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई थी। वारदात की भयावहता और मामले से जुड़े खुलासों ने लोगों को झकझोर दिया था। इसके बाद यह हत्याकांड लंबे समय तक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में बना रहा।
22 गवाहों के बयान, फिर दोषसिद्धि
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में साक्ष्य और गवाह पेश किए। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सुनवाई के दौरान 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। करीब 13 महीने चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद 30 सितंबर 2026 को अदालत ने मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के सवाल पर सुनवाई हुई और 14 अक्टूबर को दोनों को मृत्युदंड सुनाया गया।
फैसले के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अहम
अदालत के इस फैसले के बाद सौरभ राजपूत हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। मृत्युदंड की सजा के मामले में आगे की अपील और संबंधित न्यायिक प्रक्रिया भी अहम होगी। ऐसे मामलों में दोषियों को कानून के तहत उच्च अदालत में फैसले को चुनौती देने का अधिकार होता है।








